परिचय और पृष्ठभूमि
संस्थान अपने व्यवसाय के माध्यम से वर्तमान में पश्चिम और उत्तर पश्चिम भारत के शुष्क और अर्धशुष्क क्षेत्रों में लगभग 4,50,000 एकड़ जमीन और 60,000 किसानों को ग्वार की स्थायी कृषि के लिए अवसर प्रदान करती है। अपने अनुसंधान कार्यक्रम के माध्यम से कम्पनी ग्वार की अधिक उपज देने वाली किस्मों, अच्छी खेती के तरीकों एवं विशेष अनुप्रयोग हेतु उत्पाद के लिए आवश्यक गुण वाली ग्वार किस्मों के विकास के लिए भी योगदान देती है।
सामाजिक दायित्व को ध्यान में रखते हुए कम्पनी के निदेशक मण्डल द्वारा सी.एस.आर. समिति का गठन किया गया। कम्पनी कानून 2013 के सेक्शन 135 के अन्तर्गत तथा कम्पनीज् रूल्स 2014 (सी.एस.आर. पॉलिसी) के अनुसार यह सी.एस.आर. पॉलिसी बनाई गई । इस नीति की पालना एवं देखरेख समिति द्वारा निदेशक मण्डल के मार्गदर्शन में की जाती है ।
सी.एस.आर. विचारधारा
एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक अपने क्षेत्र के समाज व आस-पास के लोगों की समृद्धि के लिए सकारात्मक सहयोग करता है। कम्पनी की उन्नति और समृद्धि जन-साधारण की सामाजिक चेतना से जुड़ी है जो समाज के सभी वर्गो के लोगों के आर्थिक एव शैक्षणिक विकास पर निर्भर है, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का हो। सी.एस.आर. नीति का उद्देश्य सामाजिक चेतना को बढ़ावा देते हुए सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान के लिए सकारात्मक सहयोग देना है।
सी.एस.आर. के उद्देश्य निम्न हैं
- पर्यावरण एवम् प्राकृतिक संसाधनों को बढ़ावा
- ग्रामीण विकास में सहयोग
- शिक्षा को बढ़ावा
- स्वास्थ्य सेवा एवम् स्वास्थ्य जागरूकता में सुधार
- शहरी और ग्रामीण समाज के पिछड़े वर्गोंं के जीविकोपार्जन के लिए रोजगार सृजन
- समाज के जन-साधारण, विशेष रूप से महिलाओं के सामर्थ्य और आत्म निर्भरता को बढ़ावा
- समाज के पिछड़े वर्गो में कौशल निर्माण और व्यावसायिक प्रशिक्षण का कार्य
यह सभी कार्य मुख्य रूप से आस-पास के क्षेत्रों में करना, जहाँ कम्पनी का संचालन होता है, जिससे कि इनके गहन निरीक्षण एवम् अधिकतम विकास के प्रभाव को सुनिश्चित किया जा सके।
